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A DREAM

It was a gala day ,
The best day of my life.
With gleaming eyes and thunderous voice,
Here, my Prince arrived.

My love,my world was standing there,
And I just held my breath .
When he casted his eyes towards me,
The reason of my life accomplished.

I whispered,  O! My Prince,
"I'm in seventh heaven."
My dream came true when I met you,
I want to hold this moment.

The world stopped, I stood still,
He was infront of my eyes.
But my happiness was short -lived,
Because soon I realized.

He is a king but I 'm not a queen ,
I built a visionary scheme.
I woke up ,found no one there ,
Damn, it was just a dream.
     
                                   - Mrinalini sharma

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Farmer-A Son of Soil

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योग्यता महत्वपूर्ण या जाति

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Hey ! I'M a Tree

I'm the one who gives you life, But why you forget that I'm alive. You cut me often ,don't know my worth, I save your planet, I save your earth. Air to breath and fruits to eat , I give you all you need. Yes! I eat,Yes! I breath, Don't think I 'm just a show piece. Yes,you plant me ,but just for yourself , And you show your gratitude! You cut my roots, just for my woods, O ! Man you are so rude. I help you even when I die, O ! My companion. I help you even when you die, For your cremation. Fruits and flower ,shadow and air , I give you all for free. Don't cut me friend and save me friend , Hey ! I'm a tree.                                                                         - Mrinalini sharma 

सबके दामन साफ, 60 मौतें माफ

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नारी सशक्तिकरण का डिजिटल रूप या पब्लिसिटी स्टंट, आखिर क्या है ‘मीटू’ के पीछे का सच

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तारीख बता दो नेता जी

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प्रकृति

तपता है सूरज दिनभर , दुनिया को रोशन करने को। चलती रहती है वायु सदा , जन -जन को शीतल करने को । बहता है बादल भी खुद, धरती को जीवन देने को। स्वार्थी मात्र एक मानव है , जो खड़ा है सब कुछ लेने को । तुमको सब कुछ देती प्रकृति, है शेष नहीं कुछ देने को। इस धरती का सम्मान करो, है जगह स्वर्ग यह रहने को। अब मत इसको बर्बाद करो , इस स्वर्ग को स्वर्ग ही रहने दो।                                  -मृणालिनी शर्मा