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A DREAM

It was a gala day ,
The best day of my life.
With gleaming eyes and thunderous voice,
Here, my Prince arrived.

My love,my world was standing there,
And I just held my breath .
When he casted his eyes towards me,
The reason of my life accomplished.

I whispered,  O! My Prince,
"I'm in seventh heaven."
My dream came true when I met you,
I want to hold this moment.

The world stopped, I stood still,
He was infront of my eyes.
But my happiness was short -lived,
Because soon I realized.

He is a king but I 'm not a queen ,
I built a visionary scheme.
I woke up ,found no one there ,
Damn, it was just a dream.
     
                                   - Mrinalini sharma

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नारी सशक्तिकरण का डिजिटल रूप या पब्लिसिटी स्टंट, आखिर क्या है ‘मीटू’ के पीछे का सच

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तारीख बता दो नेता जी

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मैं शहीद हो गया हूं

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अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता किस हद तक?

भारत एक लोकतांत्रिक देश है अर्थात एक ऐसा देश जहां पर लोगों को अपने अनुसार जीवन जीने और अपने विचार रखने की पूरी स्वतंत्रता है और यह लोकतंत्र मात्र संविधान की किताब तक ही सीमित नहीं है बल्कि प्रत्येक भारतीय के वास्तविक जीवन में भी अमल करता है । अतः इसमें कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी अगर कहा जाए कि दुनिया में अगर कोई देश सच्चे मायनों में लोकतंत्र का प्रतिनिधित्व करता है तो वह भारत ही है।                       भारत के संविधान के अनुच्छेद 19 (1) के तहत सभी को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता दी गई है, अर्थात भारत का प्रत्येक नागरिक अपने विचारों को बोलकर, लिखकर  या किसी अन्य माध्यम से प्रकट करने के लिए पूर्णतः स्वतंत्र है । किन्तु इसका मतलब यह बिल्कुल भी नहीं है  कि आप अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर देश विरोधी बयान बाजी या नारेबाजी  करो । अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का मतलब यह नही है कि आप जिस देश की मिट्टी में पले -बढ़े हो,  उसी भारत माता को बाँटने की बात करो ।                   ...

Farmer-A Son of Soil

He struggles in a pickle, He burns himself in sunlight. He grows grain for the world , He is the saviour of mankind.                 He works hard in every season,                 So that people can survive.                 He feeds the entire humanity,                 Yet sleeps hungry everynight. When he cries with tears of sorrow, No one even hears his voice. Whether he cries or he dies, We just ignore and close our eyes.                                   He is a farmer,a son of soil,                   Who is today committing suicide.                 Now please don't politicize his death,       ...

देशभक्ति आखिर है क्या ?

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गुम होती दीपक की रोशनी

                     दीपावली रोशनी का पर्व है तथा इसका शाब्दिक अर्थ ही है , ‘दीपों की अवलि’ या ‘दीपों की पंक्ति’. हिन्दू धर्म में दिवाली का एक अलग ही महत्व है | आज से लाखों वर्ष पहले जब भगवान श्री राम, रावण का वध कर के अयोध्या वापस लौटे थे | तब अयोध्यावासियों ने घी के दीप जलाकर उनका भव्य स्वागत किया था | किन्तु बदलते समय के साथ इन दीपों का रंग ,रूप ,आकार से लेकर , त्योहार मनाने के तथा बधाई देने के तरीके तक बहुत कुछ बदल चुका है |                                                दिवाली में जलने वाले दीपक प्रकाश, आशाओं तथा खुशियों के प्रतीक होते हैं | क्योंकि जब ये दीप जलतें है तो आपका घर प्रकाश से और इन दीयों को बनाने वाले कुम्हारों का घर खुशियों और आशाओं से रोशन होता है | इन दीपों में जो घी होता है उसके पीछे किसी के सपने , दीपक की बाती के पीछे किसी की आशाएं तथा इसकी लौ के पीछे किसी के जीवन का प...

नारी होना बन गया पाप

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खेल और जंग

(1)हाथ में काली पट्टी थी ,दिलों में दर्द शहादत का।   राष्ट्रीय खेल हाॅकी ने ,बढ़ाया कद है भारत का।। (2)जंग- ए-ऐलान जब जब किया नापाक था तुमने,   हमारे हर एक फौजी ने दिया जबाव करारा था।   ये तो मैच था केवल ,एक जीत पर उड़ने वालों,   मत भूलो जब हमने ,घर में घुस के मारा था।   क्रिकेट में जीत भी गए एक मैच तो क्या,   राष्ट्रीय खेल पर उस दिन भी हक हमारा था।। (3) वतन की हार पर जश्न मनाने वाले ऐ गद्दारों,   दफन होगे जिस मिट्टी में, वो हिन्दुस्तान की होगी ।। (4)बलिदान हुए इस देश पर जो, करो उनका अपमान नहीं।     है जिसे देश से प्रेम नहीं, वो देश को भी स्वीकायॆ नहीं ।।                                               -मृणालिनी शर्मा