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A DREAM

It was a gala day ,
The best day of my life.
With gleaming eyes and thunderous voice,
Here, my Prince arrived.

My love,my world was standing there,
And I just held my breath .
When he casted his eyes towards me,
The reason of my life accomplished.

I whispered,  O! My Prince,
"I'm in seventh heaven."
My dream came true when I met you,
I want to hold this moment.

The world stopped, I stood still,
He was infront of my eyes.
But my happiness was short -lived,
Because soon I realized.

He is a king but I 'm not a queen ,
I built a visionary scheme.
I woke up ,found no one there ,
Damn, it was just a dream.
     
                                   - Mrinalini sharma

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Hey ! I'M a Tree

I'm the one who gives you life, But why you forget that I'm alive. You cut me often ,don't know my worth, I save your planet, I save your earth. Air to breath and fruits to eat , I give you all you need. Yes! I eat,Yes! I breath, Don't think I 'm just a show piece. Yes,you plant me ,but just for yourself , And you show your gratitude! You cut my roots, just for my woods, O ! Man you are so rude. I help you even when I die, O ! My companion. I help you even when you die, For your cremation. Fruits and flower ,shadow and air , I give you all for free. Don't cut me friend and save me friend , Hey ! I'm a tree.                                                                         - Mrinalini sharma 

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अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता किस हद तक?

भारत एक लोकतांत्रिक देश है अर्थात एक ऐसा देश जहां पर लोगों को अपने अनुसार जीवन जीने और अपने विचार रखने की पूरी स्वतंत्रता है और यह लोकतंत्र मात्र संविधान की किताब तक ही सीमित नहीं है बल्कि प्रत्येक भारतीय के वास्तविक जीवन में भी अमल करता है । अतः इसमें कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी अगर कहा जाए कि दुनिया में अगर कोई देश सच्चे मायनों में लोकतंत्र का प्रतिनिधित्व करता है तो वह भारत ही है।                       भारत के संविधान के अनुच्छेद 19 (1) के तहत सभी को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता दी गई है, अर्थात भारत का प्रत्येक नागरिक अपने विचारों को बोलकर, लिखकर  या किसी अन्य माध्यम से प्रकट करने के लिए पूर्णतः स्वतंत्र है । किन्तु इसका मतलब यह बिल्कुल भी नहीं है  कि आप अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर देश विरोधी बयान बाजी या नारेबाजी  करो । अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का मतलब यह नही है कि आप जिस देश की मिट्टी में पले -बढ़े हो,  उसी भारत माता को बाँटने की बात करो ।                   ...